
पोनोत हेल मेल – 2026 तैयारी बैठक
- S S Mahali

- 25 दिस॰ 2025
- 4 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 28 दिस॰ 2025
🌿 पोनोत हेल मेल – 2026
प्रांतीय माहली सम्मेलन की तैयारी बैठक : एक ऐतिहासिक पहल

माहली समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आगामी प्रांतीय माहली सम्मेलन – 2026 (दिनांक 21 एवं 22 मार्च 2026) की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर दिनांक 25 दिसंबर 2025 (गुरुवार) को माहली भवन, मुसाबनी में एक विस्तृत तैयारी बैठक आयोजित की गई। यह बैठक तोरोप परगना सोबरा हेंब्रम की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के पदाधिकारी, प्रबुद्धजन, युवा प्रतिनिधि एवं समाजसेवी शामिल हुए।
✨ इस बैठक का मूल उद्देश्य प्रांतीय सम्मेलन – 2026 को सुव्यवस्थित, समावेशी और प्रभावी बनाना था, ताकि माहली समाज की एकता, एकरूपता और समृद्धि के लक्ष्य को ठोस कार्ययोजना के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सके। साथ ही, PESA कानून एवं PESA नियमावली के अनुरूप ग्रामसभा और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सशक्त करने पर विशेष बल दिया गया।
📌 प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा
बैठक में सम्मेलन की तैयारी से जुड़े निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श कर निर्णय लिया गया:-
1. आमंत्रण प्रक्रिया – समाज के सभी वर्गों, सभी गांवों, पुड़सी, पोनोत, परगना एवं पारंपरिक पदाधिकारियों तक समयबद्ध और सम्मानजनक आमंत्रण पहुंचाने की रणनीति बनाई गई।
2. गांव–गांव संपर्क अभियान – समाज को जोड़ने, जागरूक करने और सहभागिता बढ़ाने हेतु क्षेत्रीय भ्रमण हेतु योजना बनी।
3. धन संग्रहण (Raising of Funds) – पारदर्शी, रसीद-आधारित और सामूहिक सहभागिता पर आधारित धन संग्रहण व्यवस्था पर सहमति बनी।
4. रसीद वितरण प्रणाली – स्पष्ट लेखा-जोखा, जवाबदेही और विश्वास निर्माण के लिए रसीद व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
5. बैनर एवं प्रचार-प्रसार योजना – गांव-वार बैनर, सूचना बोर्ड और जनसंपर्क के माध्यम से सम्मेलन का व्यापक प्रचार किया जाएगा।
6. सहयोग एवं सहभागिता – युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और प्रबुद्धजनों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित किया जाएगा।
7. तैयारी हेतु अन्य सभी क्रियाकलाप।
🏟️ कार्यक्रम स्थल एवं स्वागत व्यवस्था
सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम स्थल के रूप में मुसाबनी ब्लॉक ग्राउंड का चयन किया गया। आगंतुकों के सम्मान और सुव्यवस्थित आवागमन हेतु विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार (Welcome Gates) स्थापित करने का निर्णय लिया गया इसके अतिरिक्त गांव-वार बैनर एवं अतिथि सूची के वितरण की व्यवस्था पर भी सहमति बनी।
🎓 शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार : समाज का भविष्य
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के दीर्घकालीन विकास की नींव है। इसलिए—
>शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए कोचिंग, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी और शैक्षणिक मार्गदर्शन की योजनाएं बनाई गई।
>स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामुदायिक सहयोग की पहल की जाएगी।
>रोजगार एवं करियर हेतु युवाओं के लिए नर्सिंग, प्रतियोगी परीक्षाएं, कौशल प्रशिक्षण तथा उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
📚फुलझानो पुस्तकालय (डाक बंगला, मुसाबनी) को करियर सेंटर 🧑🏫 के रूप में विकसित किया जाएगा।
📜 PESA कानून और ग्रामसभा सशक्तिकरण
बैठक में PESA नियमावली के अनुरूप ग्रामसभा को सशक्त करने पर सर्वसम्मति बनी।
PESA कानून की जानकारी ग्राम स्तर पर दी जाएगी।
सभी गांवों में शांति समिति एवं अन्य आवश्यक समितियों का गठन कर स्थानीय शासन को मजबूत किया जाएगा।
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

🕯️ स्मरण, सम्मान और सांस्कृतिक पहल
समाज की ऐतिहासिक स्मृति और सम्मान को सुदृढ़ करने हेतु यह निर्णय लिया गया कि—
प्रत्येक 1 जनवरी को खरसावां गोलीकांड के शहीदों को माहली समाज श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।
माहली मिलन समारोह आयोजित किए जाएंगे।
सभी माझी बाबाओं एवं पारंपरिक प्रमुखों केओ सम्मान, पहचान और अधिकार प्रदान किए जाएंगे।
सभी गांवों में नौ महल माझी एवं पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को दुरुस्त और सक्रिय किया जाएगा।
👥 सहभागिता और नेतृत्व
इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज के अनेक प्रमुख प्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति रही, जिनमें झारखंड पोनोत परगना – नन्दलाल माहली, पोनोत माझी – बुद्धेश्वर मार्डी, पोनोत जोग माझी – शंकर सेन माहली, पोनोत गोडेत – देवनाथ बेसरा, पुड़सी जोग माझी – बासुदेव मार्डी, माझी बाबा – लख्खी चरण बास्के, सुराई बास्के, लक्ष्मण मार्डी, पोटका पुड़सी से गंगाराम माहली, सुशील मार्डी सहित पारंपरिक प्रमुख, प्रबुद्धजन एवं समाजसेवी शामिल रहे।

📅 आगे की रूपरेखा
सम्मेलन की तैयारियों को और गति देने हेतु आगामी बैठक 03 जनवरी 2026 को पुनः डाक बंगला, जिला परिषद, मुसाबनी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उसी दिन को भारत का संविधान सभा में आदिवासियों के बात को प्रखर रूप से रखने वाले मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के जयंती पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
🌾 आज की तैयारी बैठक माहली समाज को संगठित करने, पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने और प्रांतीय माहली सम्मेलन – 2026 को एक सफल, गरिमामय और ऐतिहासिक आयोजन बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध हुई। यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि आने वाला वर्ष माहली समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान का वर्ष होगा।
🙏 सभी समाजबंधुओं से अपील है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि हमारा समाज
एकता • एकरूपता • समृद्धि
के लक्ष्य को साकार कर सके।
जोहार!
S S Mahali
जोग माझी – झारखंड पोनोत
आदिम महली माहाल
(पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था)
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ऐसे ही
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