
JSSC फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के संताली भाषा प्रश्नपत्र में गंभीर अनियमितताओं के विरोध में राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन, मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया प्रतिनिधिमंडल
- S S Mahali

- 30 जुल॰
- 3 मिनट पठन
अपडेट करने की तारीख: 31 जुल॰
रांची, झारखंड।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता (Field Worker) प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के पत्र-2 (संताली भाषा) में कथित रूप से 40 प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम (Out of Syllabus) से बाहर तथा 4 प्रश्न तथ्यात्मक रूप से गलत पूछे जाने के विरोध में संताली भाषा के अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल आज महामहिम राज्यपाल, झारखंड से राजभवन में मिला और उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल महोदय को बताया कि संताली भाषा का प्रश्नपत्र आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुरूप नहीं था। अभ्यर्थियों के अनुसार लगभग 40 प्रश्न निर्धारित सिलेबस से बाहर पूछे गए, जबकि कई प्रश्नों का स्तर फील्ड वर्कर जैसी भर्ती परीक्षा की अपेक्षा JSSC CGL, स्नातक, स्नातकोत्तर, UGC-NET, UPSC एवं JPSC जैसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं के समान था। साथ ही 4 प्रश्न तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण बताए गए हैं। ऐसी परिस्थितियों में परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं समान अवसर के सिद्धांतों पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं तथा हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

प्रतिनिधिमंडल में शंकर सेन महाली, दुखनी सोरेन, सबिता बास्के, सत्यनारायण माझी, पानमनी मुर्मू एवं हरीश चंद्र मरांडी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल महोदय से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक परिणाम प्रकाशन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए तथा यदि अभ्यर्थियों की आपत्तियां सही पाई जाती हैं तो संताली भाषा की परीक्षा रद्द कर आयोग द्वारा निर्धारित सिलेबस एवं निर्धारित स्तर के अनुरूप पुनः परीक्षा आयोजित की जाए।
राजभवन से निकलने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मिलकर भी इस गंभीर विषय से अवगत कराने का प्रयास किया। किंतु मुख्यमंत्री आवास पर प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी गई तथा मुलाकात का अवसर नहीं मिल सका। इससे अभ्यर्थियों में निराशा व्याप्त है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखना चाहते थे, ताकि इस गंभीर मामले में न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर सोनी हेम्ब्रम, बलराम किस्कू, कार्तिक सोरेन, सोमाय मार्डी सहित JSSC फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा-2024 में शामिल बड़ी संख्या में संताली भाषा के अभ्यर्थी उपस्थित रहे। सभी अभ्यर्थियों ने एक स्वर में परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरुद्ध अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग दोहराई।

अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न करना नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं समान अवसर की संवैधानिक भावना की रक्षा करना है। उन्होंने राज्यपाल एवं राज्य सरकार से आग्रह किया कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप किया जाए तथा संताली भाषा के प्रश्नपत्र की स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से जांच कराकर, आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा रद्द कर निर्धारित पाठ्यक्रम एवं निर्धारित स्तर के अनुसार पुनः परीक्षा आयोजित की जाए।
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