
घाटशिला में PESA नियमावली पर संगोष्ठी
- S S Mahali

- 5 दिन पहले
- 3 मिनट पठन
PESA नियमावली की कमियों पर चर्चा, सुधार हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत

घाटशिला (पूर्वी सिंहभूम) — आज माझी परगना महाल भवन, घाटशिला में PESA नियमावली 2025 (झारखंड) को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में PESA नियमावली में मौजूद कमियों, अस्पष्टताओं एवं ग्राम सभा के अधिकारों को कमजोर करने वाले संभावित प्रावधानों पर गंभीर चर्चा की गई तथा नियमावली को अधिक प्रभावी, जनहितकारी और संविधान सम्मत बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए।
कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि PESA कानून का मूल उद्देश्य आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को सशक्त कर ग्राम सभा को सर्वोच्च अधिकार देना है। परंतु वर्तमान नियमावली में कई बिंदु ऐसे हैं, जिनसे ग्राम सभा के वास्तविक अधिकार सीमित होने की आशंका उत्पन्न होती है। इसलिए नियमावली में आवश्यक संशोधन कर इसे पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था व ग्राम सभा की भूमिका के अनुरूप बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है।
आदिम महली माहाल - पोनोत जोग माझी शंकर सेन माहली ने साझा की विस्तृत जानकारी
संगोष्ठी के दौरान आदिम माहली महाल के जोग माझी श्री शंकर सेन माहली ने उपस्थित समाज प्रतिनिधियों एवं पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के अगुवाओं के समक्ष PESA नियमावली से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने नियमावली की विभिन्न धाराओं, ग्राम सभा की भूमिका, पारंपरिक व्यवस्था की संवैधानिक मान्यता, जल-जंगल-जमीन व संसाधनों पर समुदाय के अधिकार, तथा निर्णय प्रक्रिया जैसे विषयों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर ग्राम सभा को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता एवं सामूहिक प्रयास तेज करने होंगे।
पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्राधिकारी(माझी बाबा, पारगाना बाबा, पारानिक बाबा, गोडेत बाबा सहित महिला नेत्रियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

इस संगोष्ठी में माझी परगना महाल से देश परगना बाबा माननीय बैजू मुर्मू, देश पराणिक बाबा दुर्गा चरण मुर्मू, पोटका तोरोप पारगाना आयो कमला हांसदा साथ ही भुजंग टुडू, जलेश्वर बास्के, शैलेंद्र बास्के, संखो मुर्मू सहित कई पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिला नेत्रियों की सक्रिय भागीदारी भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
अगले सप्ताह होगी अगली महत्वपूर्ण बैठक
संगोष्ठी में यह निर्णय भी लिया गया कि PESA नियमावली के संबंध में आगे विस्तृत रणनीति बनाने एवं सुझावों को अंतिम रूप देने हेतु अगले सप्ताह पुनः एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक की तिथि जल्द ही निर्धारित कर सभी को अवगत करा दिया जाएगा।
आगामी बैठक में प्रत्येक गाँव के सभी माझी, मोड़/होड़ का अनिवार्य रूप से शामिल होना आवश्यक होगा, ताकि ग्राम सभा और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की सामूहिक राय के साथ एक मजबूत एवं एकीकृत प्रस्ताव तैयार कर संबंधित मंच/प्रशासन एवं सरकार तक पहुँचाया जा सके।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि PESA के वास्तविक उद्देश्य को लागू कराने तथा ग्राम सभा को वास्तविक रूप से सर्वोच्च अधिकार दिलाने हेतु समाज आगे भी संगठित होकर निरंतर पहल करेगा।
🌐 Adim Mahali Mahal के बारे में अधिक जानकारी/पंजीकरण/संपर्क करने के लिए नीचे 👇 दिए गए लिंक पर क्लिक करें।
ऐसे ही
ℹ️ सूचनाएं ,📡 न्यूज़ अपडेट्स,🤭 मीम्स, 💼 करियर के मौके, 🇮🇳 देश-दुनिया 🌍 की खबरें, 🏹 आदिवासी मुद्दों और जागरूकता की जानकारी,♥️ जीवन की समस्याओं के समाधान,📱 टेक्नोलॉजी और नई तकनीकों की जानकारीयों की Regular Updates 📰 पाने के लिए हमारे 👇 WhatsApp चैनल 📺 को
🤳करें
🌟 इस जानकारी को सभी के साथ साझा 🤳 करें!
📢 अपने सभी दोस्तों को भेजे एवं सभी ग्रुप में पोस्ट कर अधिक से अधिक लोगों तक ये जानकारी पहुंचाएं।💪 हमारे प्रयासों को मजबूत बनाने और जागरूकता बढ़ाने में मदद करें। 🌍 आपकी भागीदारी समाज और मानवता के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आपके सपनों को साकार करने और आपके अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर।
For More Updates
Like ♥️ l Comment 💬 l Share 🤳
Keep Supporting @ 🌐 SSMahali.com 💕💕





टिप्पणियां