
हमारे टीम के माध्यम से अब तक गठित PESA ग्राम सभाएँ
PESA झारखण्ड नियमावली, 2025 के तहत 3 जनवरी 2026 से अब तक हमारी टीम के Changemakers ने पूरे झारखण्ड के विभिन्न राजस्व ग्रामों में PESA ग्राम सभा गठन की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाते हुए, निम्नलिखित आंकड़ों के अनुरूप ग्राम सभाओं का गठन सुनिश्चित किया है। यह पहल केवल ग्राम सभा के गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि पारंपरिक ग्राम स्वशासन को सशक्त बनाने, ग्राम सभा की संवैधानिक एवं वैधानिक शक्तियों के प्रति आदिवासी समुदाय को जागरूक करने तथा PESA के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। हमारा प्रयास है कि ग्राम सभा अपने अधिकारों, शक्तियों और जिम्मेदारियों को समझते हुए स्थानीय स्वशासन की एक मजबूत एवं प्रभावी संस्था के रूप में कार्य करे।
6
Ditrict Connected
387
Village Reached
272
Village Aware
247
Gram Sabha Formed
PESA - 1996
The Provisions of the Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996 (PESA Act) is a law that extends the provisions of Part IX of the Constitution of India to the Scheduled Areas.
पंचायत के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 ( पेसा अधिनियम ) एक कानून है जो भारत के संविधान के भाग IX के प्रावधानों को अनुसूचित क्षेत्रों विस्तारित करता है।
PESA / P - PESA / TPTPETSA / TPOTPETTSA - ACT 1996


-
The Provisions of the Panchayats (Extension to the Scheduled Areas) Act, 1996
-
Panchayat Raj (Extension to Scheduled Areas) Act of 1996
-
Panchayat (Extension to Scheduled Areas) Act of 1996
-
(PESA Act) Act of 1996
-
PESA Act
-
It is a law enacted by the Parliament to extend the provisions of Part IX of the Constitution relating to the Panchayats to the 5th Scheduled Areas in a slightly modified form.
-
यह पंचायतों से संबंधित संविधान के भाग IX के प्रावधानों को थोड़े संशोधित रूप में 5वीं अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तारित करने के लिए संसद द्वारा अधिनियमित एक कानून है।

.jpg)

243m-यह भाग कुछ क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा
(1) इस भाग की कोई बात अनुच्छेद 244 के खंड (1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों और खंड (2) में निर्दिष्ट जनजाति क्षेत्रों को लागू नहीं होगी।
(2) इस भाग की कोई बात निम्नलिखित पर लागू नहीं होगी-
(क) नागालैंड, मेघालय और मिजोरम राज्य;
(ख) मणिपुर राज्य के वे पहाड़ी क्षेत्र जिनके लिए किसी तत्समय प्रवृत्त विधि के अधीन जिला परिषदें विद्यमान हैं।
(3) इस भाग की कोई बात-
(क) जिला स्तर पर पंचायतों से संबंधित, पश्चिम बंगाल राज्य के दार्जिलिंग जिले के पहाड़ी क्षेत्रों पर लागू होगा, जिसके लिए किसी समय प्रवृत्त कानून के अधीन दार्जिलिंग गोरखा हिल परिषद विद्यमान है;
(ख) ऐसे कानून के तहत गठित दार्जिलिंग गोरखा हिल परिषद के कार्यों और शक्तियों को प्रभावित करने के लिए लगाया जाएगा।
(3क) अनुसूचित जातियों के लिए स्थानों के आरक्षण से संबंधित अनुच्छेद 243घ की कोई बात अरुणाचल प्रदेश राज्य पर लागू नहीं होगी।
(4) इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी,-
(क) खंड (2) के उपखंड (क) में निर्दिष्ट किसी राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा, इस भाग को खंड (1) में निर्दिष्ट क्षेत्रों को, यदि कोई हों, छोड़कर उस राज्य पर विस्तारित कर सकेगा, यदि उस राज्य की विधान सभा उस सदन की कुल सदस्यता के बहुमत द्वारा तथा उस सदन के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा उस आशय का संकल्प पारित कर दे;
(ख) संसद, विधि द्वारा, इस भाग के उपबंधों को खंड (1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों पर ऐसे अपवादों और उपांतरणों के अधीन रहते हुए विस्तारित कर सकेगी, जो ऐसी विधि में विनिर्दिष्ट किए जाएं और ऐसी कोई विधि अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए इस संविधान का संशोधन नहीं समझी जाएगी।
to know about pesa rule-2025
पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 झारखण्ड के 16 अनुसूचित जिलों में प्रभावी है, पेसा नियमावली के लागू होने से ग्राम सभाओं को स्थानीय विकास योजनाओं की अनुशंसा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, लघु वन उपज के प्रबंधन, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, सामुदायिक संपत्तियों की देखरेख तथा ग्राम स्तर के विभिन्न निर्णयों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त होगा।
आदिवासी विरासत, 5वीं अनुसूचित क्षेत्र की पृष्टभूमि, PESA कानून और नियमावली के बारे में अधिक जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे ..






हमारी परंपरा,हमारी विरासत🏹
“संस्कृति किसी समाज की आत्मा होती है, और परंपराएं उस आत्मा की जीवंत अभिव्यक्ति।”
👉 हमारी परंपरा, हमारी विरासत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना और आदिवासी समुदायों की पारंपरिक ज्ञान, कला, रीति-रिवाजों एवं सामाजिक संरचना को मजबूत करना है। यह कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा झारखंड में 26 जनवरी 2025 से शुरू किया गया है।
ग्राम सभा गठन हेतु आवश्यक अभिलेख एवं प्रारूपों का UOP
अपने - अपने गांव में PESA झारखण्ड नियमावली, 2025 के तहत ग्राम सभा का गठन करने हेतु आवश्यक दस्तावेज, अभिलेख एवं व्यवस्थित प्रारूप (UOP) नीचे दिए गए हैं। ग्राम सभा गठन की प्रक्रिया को नियमसंगत, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार संबंधित प्रारूप प्राप्त कर अपने ग्राम सभा के अभिलेख को एकसमान व्यवस्तित करना सुनिश्चित करें।

